कहानी
कोटा स्टोन एक महीन चूना पत्थर है जो चपटी स्लैब में फटता है, इसलिए यह सस्ता और टिकाऊ फ़र्श बनता है। रामगंज मंडी के आसपास की ख़ानें और कोटा की इकाइयाँ पूरे भारत के बिल्डरों और निर्यात के लिए इसे काटती और पॉलिश करती हैं। बेकार पत्थर और स्लरी बढ़ती समस्या हैं।
आँकड़ों में
कोटा स्टोन और बलुआ पत्थर क्लस्टर में 1,600 इकाइयाँ, ₹2,000 करोड़ का कारोबार, लगभग ₹900 करोड़ का निर्यात, और 18,000 प्रत्यक्ष व 18,000 अप्रत्यक्ष कामगार थे (ज़िला प्रोफ़ाइल 2015-16)।
Brief Industrial Profile of Kota District 2015-16 (MSME-DI Jaipur, Ministry of MSME) · 2016
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- पत्थर कटाई और पॉलिश
- बेकार पत्थर से टाइल और ब्लॉक बनाना
- ऑनलाइन कैटलॉग और निर्यात मार्केटिंग
- स्लैब का परिवहन
क्लस्टर की मुश्किलें
- प्रदूषण बोर्ड ने पत्थर उद्योग को नारंगी से लाल श्रेणी में डाला
- कचरे का निपटान
- कैटलॉग और वेबसाइट की कमी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
पत्थर पॉलिश इकाई →स्टोन क्रशर (गिट्टी) →सीमेंट कंक्रीट ब्लॉक / पेवर यूनिट →
