कहानी
रण और कच्छ तट की सूखी जलवायु, तेज़ हवा और समतल खारी ज़मीन खारे पानी को सुखाकर नमक बनाने के लिए बहुत अच्छी है। अगरिया परिवार पीढ़ियों से छोटे रण में नमक बनाते आए हैं, जबकि कांडला और मुंद्रा के पास बड़े नमक कारख़ाने उद्योग और निर्यात के लिए नमक देते हैं। नमक गुजरात के सोडा ऐश और क्लोर-अल्कली संयंत्रों का भी कच्चा माल है।
आँकड़ों में
2021-22 में भारत का 85% नमक गुजरात में बना; इसके बाद राजस्थान और तमिलनाडु 6-6% के साथ रहे।
Indian Minerals Yearbook: Salt (Indian Bureau of Mines, citing Salt Commissioner) · 2022
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- आयोडीन युक्त नमक की पैकिंग और ब्रांडिंग
- रसायन संयंत्रों को औद्योगिक नमक सप्लाई
- नमक क्यारियों के लिए सोलर पंप और उपकरण
- परिवहन और लोडिंग सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- नमक मज़दूरों के लिए कठिन काम की स्थिति
- चक्रवात और बेमौसम बारिश
- छोटे उत्पादकों को कम दाम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
आयोडीन युक्त नमक संयंत्र →मैग्नीशियम सल्फ़ेट (एप्सम नमक) →सोडियम सल्फ़ेट (ग्लॉबर साल्ट) →
