कहानी
नागौर के लोहार परिवार लंबे समय से हाथ से औज़ार गढ़ते आए हैं, और यह क़स्बा पूरे भारत में बिकने वाले प्लास, पाने, हथौड़ों और सुनारों के औज़ारों के लिए जाना जाने लगा। इनमें से कई छोटी कारीगर वर्कशॉप में बनते हैं। ज़िले में कुंदन-मीना आभूषण और चूड़ियों का क्लस्टर भी है।
आँकड़ों में
प्लास, पाने, हथौड़े और सुनारों के औज़ार मुख्य रूप से नागौर ज़िले में बनते हैं, जहाँ कारीगरों समेत 1,000 से ज़्यादा इकाइयाँ हैं (राज्य प्रोफ़ाइल 2015-16)।
State Industrial Profile of Rajasthan 2015-16 (MSME-DI Jaipur, Ministry of MSME) · 2016नागौर रत्न, आभूषण और चूड़ी क्लस्टर में 500 पंजीकृत इकाइयाँ, ₹80 करोड़ का कारोबार और 1,800 कामगार थे (ज़िला प्रोफ़ाइल 2015-16)।
Brief Industrial Profile of Nagaur District 2015-16 (MSME-DI Jaipur, Ministry of MSME) · 2016
GI टैग
- Nagori Ashwagandhaआवेदन संख्या GI Application No. 1143Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- हाथ के औज़ारों की गढ़ाई और फ़िनिशिंग
- हार्डवेयर दुकानों के लिए ब्रांडेड टूल किट
- हीट ट्रीटमेंट और प्लेटिंग सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- सस्ते आयातित औज़ार
- गढ़ाई के पुराने तरीक़े
- गुणवत्ता प्रमाणन
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
खेती के औज़ार, छुरी-काँटे और हाथ के औज़ार →इंजीनियरिंग वर्कशॉप (जॉब वर्क और मरम्मत) →हस्तशिल्प आभूषण इकाई →
