कहानी
चड़िदा गाँव पुरुलिया के छऊ नृत्य के लिए मुखौटे बनाने का केंद्र बना, जो बाघमुंडी राजपरिवार के संरक्षण में लोकप्रिय हुआ। मुखौटे साँचे पर कागज़ और मिट्टी की परतें चढ़ाकर बनते हैं, फिर देवताओं और असुरों का रूप निभाने वाले नर्तकों के लिए रंगे और सजाए जाते हैं। पुरुलिया छऊ मुखौटा GI पंजीकृत है, और छऊ नृत्य यूनेस्को की अमूर्त धरोहर सूची में है।
आँकड़ों में
चड़िदा के 310 परिवारों के लगभग 500 लोग सीधे इस शिल्प से जुड़े हैं, और चड़िदा के 85% कारीगरों की मुख्य आजीविका यही है।
From Terracotta to Textiles: GST Reforms to Empower Bengal's Industries (PIB factsheet) · 2025
GI टैग
- Purulia Chau Maskआवेदन संख्या Application No. 565Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- सजावट की दुकानों, होटलों और पर्यटकों को ऑनलाइन मुखौटे बेचें
- चड़िदा में कार्यशालाएँ और शिल्प पर्यटन
- रंगमंच और उत्सवों के लिए ऑर्डर पर मुखौटे
क्लस्टर की मुश्किलें
- नृत्य के मौसम से जुड़ी मौसमी माँग
- बिचौलियों का ज़्यादातर मुनाफ़ा लेना
- नाज़ुक सामान जिसे भेजना महँगा है
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
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