कहानी
1970 और 1980 के दशक में जब मुंबई और ठाणे में ज़मीन कम पड़ी और प्रदूषण नियम सख़्त हुए, तो MIDC ने मुंबई बंदरगाह और JNPT के पास रायगढ़ ज़िले में तलोजा, महाड, रोहा और पातालगंगा में रासायनिक क्षेत्र बनाए। नदियों और तट से पानी और अपशिष्ट निकासी की सुविधा मिली, और कई बड़ी रसायन व दवा कंपनियाँ आईं। आज इन क्षेत्रों में सैकड़ों इकाइयाँ और साझा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र हैं।
आँकड़ों में
MIDC के अनुसार महाराष्ट्र में 13 रासायनिक क्षेत्र हैं, जिनमें रायगढ़ ज़िले के तलोजा, महाड, रोहा और पातालगंगा शामिल हैं; कीटनाशक, कृषि रसायन और अन्य रसायनों में भारत के उत्पादन में राज्य का हिस्सा 22% है।
MIDC focus sector – Chemicals · 2026तलोजा MIDC 863.19 हेक्टेयर में है, जिसमें 436 प्लॉट विकसित और 326 इकाइयाँ उत्पादन में हैं; महाड में 136 और रोहा में 97 इकाइयाँ उत्पादन में थीं।
Brief Industrial Profile of Raigad District, MSME-DI (Ministry of MSME) · 2017
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बड़ी रसायन कंपनियों के लिए अनुबंध निर्माण और टोल प्रोसेसिंग
- प्रयोगशाला जाँच, अपशिष्ट विश्लेषण और पर्यावरण अनुपालन सेवाएँ
- सॉल्वेंट, पैकेजिंग ड्रम और औद्योगिक गैसों की आपूर्ति
- प्लांट रखरखाव, फ़ैब्रिकेशन और पाइपलाइन का काम
क्लस्टर की मुश्किलें
- सख़्त प्रदूषण नियंत्रण और बार-बार बंदी के आदेश
- आग और सुरक्षा का ख़तरा
- गर्मी में पानी की कमी
- गुजरात के रासायनिक क्षेत्रों से प्रतियोगिता
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
सल्फ़र ब्लैक डाई →रेड आयरन ऑक्साइड (लाल रंग द्रव्य) →डिटर्जेंट पाउडर यूनिट →लिक्विड डिटर्जेंट →क्लोरीन की गोलियाँ (पानी शुद्ध करने के लिए) →
