कहानी
1800 के दशक के अंत में कपास क्षेत्र और रेलवे के पास कपड़ा मिलें लगने से सोलापुर कपड़ा शहर बना। आंध्र प्रदेश से आए पद्मशाली बुनकर चादर बुनने का हुनर लाए, और बड़ी मिलें बंद होने के बाद हज़ारों छोटी पावरलूम इकाइयों ने काम सँभाला। टेरी तौलिये बाद में जुड़े और अब निर्यात होते हैं। सोलापुरी चादर और सोलापुर टेरी तौलिया दोनों 2005 में भारत के शुरुआती GI पंजीकरणों में थे।
आँकड़ों में
टेरी टॉवेल क्लस्टर (SPV: टेरी टॉवेल क्लस्टर लिमिटेड) में 47 चालू इकाइयाँ, ₹400 करोड़ का निर्यात और 40,000 लोगों को रोज़गार था; उत्पाद: सूती टेरी तौलिये, चादरें और ग्रे कपड़ा।
Brief Industrial Profile of Solapur District, MSME-DI (Ministry of MSME) · 2012सोलापुर चादर (GI आवेदन संख्या 8) और सोलापुर टेरी तौलिया (GI आवेदन संख्या 9) दोनों 19-09-2005 को पंजीकृत हुए; आवेदक टेक्सटाइल डेवलपमेंट फ़ाउंडेशन, सोलापुर है।
GI Registry (IP India) – Application No. 9, Solapur Terry Towel · 2005
GI टैग
- Solapur Chaddarआवेदन संख्या GI Application No. 8, Certificate No. 12 (19-09-2005)GI Registry (IP India) – Application No. 8, Solapur Chaddar
- Solapur Terry Towelआवेदन संख्या GI Application No. 9, Certificate No. 13 (19-09-2005)GI Registry (IP India) – Application No. 9, Solapur Terry Towel
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- होटल और अस्पताल आपूर्ति के लिए निर्यात-गुणवत्ता के टेरी तौलिये और बाथ रोब
- GI टैग वाली सोलापुरी चादरों की ब्रांडेड ऑनलाइन बिक्री
- तौलिया निर्माताओं के लिए रंगाई, कढ़ाई और छपाई का जॉब-वर्क
- होटल लिनन आपूर्ति और लॉन्ड्री ठेके
क्लस्टर की मुश्किलें
- बिजली कटौती और बिजली का ख़र्च
- कच्चे माल (सूती धागे) के दामों में उतार-चढ़ाव
- पानीपत, करूर और आयात से प्रतियोगिता
- बड़े ख़रीदारों से देर से भुगतान
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
तौलिया निर्माण →चादर बुनाई इकाई (पावरलूम) →बेड लिनन सिलाई इकाई (चादर और तकिये के कवर) →कपड़े के मेड-अप्स (नैपकिन, मैट, एप्रन) →होटलों की व्यावसायिक लॉन्ड्री और लिनन प्रबंधन →घर-सजावट के कपड़े सिलने की इकाई →
