कहानी
2000 के दशक के मध्य में विदेशी मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने चेन्नई के पास विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कारखाने लगाए, और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग श्रीपेरुंबुदूर आया। फ़ोन कारखानों ने बड़ा प्रशिक्षित कार्यबल बनाया, जिसमें आसपास के ज़िलों की बहुत-सी युवा महिलाएँ हैं। 2010 के दशक की सुस्ती के बाद उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना से आईफ़ोन और पुर्ज़ों के कारखानों की नई लहर आई। अब तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यातक राज्य है।
आँकड़ों में
तमिलनाडु के उद्योग मंत्री ने अनुमान लगाया कि 2025-26 में राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात $18 अरब से अधिक होगा, जो भारत के अनुमानित $45 अरब का 40% से काफ़ी अधिक है (यह अनुमान है, अंतिम आँकड़ा नहीं)।
India's electronics exports could hit $45bn; Tamil Nadu's share over $18bn — WION · 2026तमिलनाडु के कुल निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा 28.1% है, जबकि सिले-सिलाए कपड़ों का हिस्सा घटकर 10% से थोड़ा ऊपर है।
India's electronics exports could hit $45bn; Tamil Nadu's share over $18bn — WION · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- असेंबली कारखानों को पैकेजिंग, प्लास्टिक, डाई-कट पुर्ज़े और केबल की आपूर्ति
- मज़दूरों के छात्रावास, कैंटीन और परिवहन सेवाएँ
- SMT जॉब-वर्क और मरम्मत/रीफ़र्बिशिंग
- पुर्ज़ों का व्यापार और टेस्टिंग लैब
क्लस्टर की मुश्किलें
- कम मुनाफ़ा और कुछ विदेशी ब्रांडों पर भारी निर्भरता
- आयातित पुर्ज़े और आपूर्ति का जोखिम
- मज़दूर कल्याण और आवास पर निगरानी
- नए कारखानों के लिए दूसरे राज्यों से होड़
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
USB केबल बनाना →एलईडी बल्ब असेंबली यूनिट →पर्सनल कंप्यूटर असेंबली →मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) यूनिट →
