यह क्या है
ब्लास्ट फ़र्नेस का लोहा, छोटे ब्लॉकों में ढला। फ़ाउंड्री ग्रेड को पिघलाकर ढलाई बनती है; बेसिक ग्रेड स्टील बनाने में जाता है।
फ़ाउंड्री ग्रेडबेसिक ग्रेड (स्टील निर्माण)SG / नोड्यूलर ग्रेड (कम P, कम S)
भारत में कहाँ बनता है
आयात कहाँ से आता है
कम; 2023-24 में भारत ने 4,29,042 टन पिग और कास्ट आयरन निर्यात किया।
ख़रीदने या बेचने से पहले नियम
- ITC(HS) 2022 के अनुसार पिग आयरन, स्पंज आयरन, फेरो एलॉय, री-मेल्टिंग स्क्रैप और अर्ध-तैयार व फ्लैट या लॉन्ग स्टील का आयात 'मुक्त' है (IMYB 2024 का सार), पर QCO में शामिल ग्रेड पर BIS चिह्न फिर भी ज़रूरी है।
- अपने सटीक 8-अंकीय HS कोड की मौजूदा आयात-निर्यात नीति DGFT की ITC(HS) अनुसूची में देखें।
भंडारण और रख-रखाव
खुले में रख सकते हैं, पर हर ग्रेड का अलग ढेर लेबल के साथ रखें।
इसका उपयोग करने वाले बिज़नेस
हाई ड्यूटी आयरन कास्टिंग (ढलाईघर) →मैलिएबल आयरन कास्टिंग (पाइप फ़िटिंग और ऑटो पुर्ज़े) →कास्ट आयरन ब्रेक ड्रम (छोटी ढलाई इकाई) →स्टील कास्टिंग (इंडक्शन भट्ठी वाली ढलाई) →
