कहानी
2003 के केंद्रीय औद्योगिक पैकेज में हिमाचल के नए कारख़ानों को कर छूट मिलने तक बद्दी कुछ गाँवों का समूह था। दवा कंपनियों ने बड़ी संख्या में अपने फ़ॉर्मूलेशन संयंत्र यहाँ लगाए, जो चंडीगढ़ और मैदानों के पास है, और बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ पट्टी देश के सबसे बड़े दवा क्लस्टरों में से एक बन गई। अनुबंध निर्माता कई ब्रांड कंपनियों के लिए दवाएँ बनाते हैं। आयातित कच्चे माल पर निर्भरता घटाने के लिए बल्क ड्रग पार्क और चिकित्सा उपकरण पार्क बन रहे हैं।
आँकड़ों में
हिमाचल ड्रग मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन राज्य की 750 में से 650 दवा कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है, और बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ पट्टी के उद्योग का कुल कारोबार लगभग ₹40,000 करोड़ है।
The Tribune — HP pharma cluster to cash in on falling Chinese imports · 2018बल्क ड्रग पार्क परियोजना की लागत ₹1,923 करोड़ है, जिसमें ₹1,118 करोड़ केंद्रीय अनुदान और ₹804.54 करोड़ राज्य का हिस्सा है।
The Tribune — Looking back 2022: mega projects okayed · 2022
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- मार्केटिंग कंपनियों के लिए थर्ड-पार्टी (अनुबंध) निर्माण
- दवा पैकिंग — ब्लिस्टर, डिब्बे, लेबल, बोतलें
- जाँच प्रयोगशाला और नियामक दस्तावेज़ सेवा
- बद्दी से उत्तर भारत के वितरकों तक ढुलाई और कोल्ड-चेन
क्लस्टर की मुश्किलें
- चीनी API (कच्चे माल) पर निर्भरता
- गुणवत्ता और दवा नियामक की कड़ी जाँच
- BBN पट्टी में ख़राब सड़कें और जाम
- कर छूट का ख़त्म होना
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
दवा की गोलियाँ बनाने की यूनिट →आयुर्वेदिक गोली (टैबलेट) निर्माण →आयुर्वेदिक कैप्सूल निर्माण →लैमिनेटेड फ़्लेक्सिबल पैकेजिंग →कोरुगेटेड बॉक्स यूनिट →मैग्नीशियम स्टीयरेट →दवा की दुकान (मेडिकल स्टोर) →
