कहानी
सोलन का हल्का मौसम बटन मशरूम के लिए ठीक था, और 1983 में चंबाघाट में राष्ट्रीय मशरूम शोध केंद्र बना। केंद्र के प्रशिक्षण और स्पॉन से किसानों और उद्यमियों ने ज़िले भर में मशरूम इकाइयाँ लगाईं। 1997 में राज्य ने सोलन को 'भारत का मशरूम शहर' घोषित किया। हाईवे चौड़ा करने में स्थानीय कम्पोस्ट इकाई हटने के बाद उत्पादकों का कम्पोस्ट ख़र्च बढ़ गया है।
आँकड़ों में
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 10 सितंबर 1997 को सोलन को भारत का मशरूम शहर घोषित किया।
ICAR-Directorate of Mushroom Research — About usराष्ट्रीय मशरूम शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र 1983 में सोलन में बना और 26 दिसंबर 2008 को मशरूम अनुसंधान निदेशालय बना।
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नए उद्यमी के लिए रास्ते
- स्थानीय उत्पादकों के लिए कम्पोस्ट इकाई
- स्पॉन प्रयोगशाला
- मशरूम प्रसंस्करण — डिब्बाबंद, सूखा, अचार
- चंडीगढ़ और दिल्ली के बाज़ारों को ताज़ा मशरूम
क्लस्टर की मुश्किलें
- स्थानीय इकाई बंद होने के बाद महँगी कम्पोस्ट
- मौसम के चरम पर दाम गिरना
- बीमारी और संक्रमण
- बिजली और ठंडक का ख़र्च
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
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