कहानी
बेंगलुरु की सॉफ़्टवेयर कहानी इसरो, एचएएल और भारतीय विज्ञान संस्थान जैसे सरकारी शोध और इंजीनियरिंग संस्थानों से शुरू हुई, जिनसे शहर को बड़ी संख्या में इंजीनियर मिले। 1980 और 1990 के दशक में विदेशी कंपनियाँ और इन्फ़ोसिस, विप्रो जैसी भारतीय कंपनियाँ यहाँ आईं; सॉफ़्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क योजना और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी ने मदद की। फिर यह शहर देश का सबसे बड़ा स्टार्ट-अप और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर केंद्र बन गया। आज सेवा निर्यात में कर्नाटक देश में सबसे आगे है।
आँकड़ों में
कर्नाटक की लगभग 3,500 आईटी कंपनियाँ देश के आईटी निर्यात में 38% से अधिक योगदान देती थीं, और 2014-15 में आईटी निर्यात 33 अरब अमेरिकी डॉलर था।
Karnataka State Industrial Profile 2015-16 (MSME-DI Bengaluru, DC-MSME) · 2016वित्त वर्ष 2025 में कर्नाटक का सेवा निर्यात ₹14,03,811 करोड़ (159 अरब अमेरिकी डॉलर) रहा, जो पिछले वर्ष से 13.7% अधिक था; कुल सेवा निर्यात में राज्य देश में पहले स्थान पर रहा।
Karnataka: state profile (IBEF) · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- छोटी कंपनियों को आईटी सपोर्ट, क्लाउड या साइबर सुरक्षा सेवा दें
- भारतीय एमएसएमई के लिए ऐप या SaaS टूल बनाएँ
- टेक पार्कों को सुविधा सेवाएँ, परिवहन और भोजन दें
- आईटी नौकरी में आने वाले नए लोगों के लिए कौशल प्रशिक्षण चलाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- ट्रैफ़िक और दफ़्तरों का ऊँचा किराया
- ऊँचे वेतन और कर्मचारियों का नौकरी छोड़ना
- विदेशी माँग में सुस्ती से आईटी सेवाओं पर असर
- हैदराबाद, पुणे और चेन्नई से प्रतिस्पर्धा
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
मोबाइल ऐप / सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट स्टूडियो →वेब डिज़ाइनिंग स्टूडियो →IT सपोर्ट और मैनेज्ड सर्विसेज़ →डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी →
