कहानी
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), इसरो और डीआरडीओ प्रयोगशालाओं ने 1940 के दशक से बेंगलुरु को भारत का एयरोस्पेस केंद्र बनाया। इनके आसपास सैकड़ों छोटी मशीन शॉप बनीं जो पुर्ज़े और उप-असेंबली देती हैं। बाद में बोइंग और एयरबस जैसी विदेशी कंपनियों ने यहाँ शोध और इंजीनियरिंग केंद्र खोले। राज्य सरकार ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एयरोस्पेस पार्क और एसईज़ेड के लिए ज़मीन रखी।
आँकड़ों में
भारत के विमान और अंतरिक्ष यानों का एक-चौथाई से अधिक उत्पादन कर्नाटक में होता है; राज्य ने बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 984 एकड़ का विशेष औद्योगिक क्षेत्र और एयरोस्पेस एसईज़ेड तय किया।
Karnataka State Industrial Profile 2015-16 (MSME-DI Bengaluru, DC-MSME) · 2016जून 2025 में कर्नाटक सरकार ने कहा कि देश के एयरोस्पेस निर्माण और निर्यात में राज्य का योगदान लगभग 60% से 65% है।
Karnataka: state profile (IBEF) · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- HAL और उसके टियर-1 सप्लायरों के लिए मशीनी पुर्ज़े, शीट मेटल या टूलिंग के वेंडर बनें
- हीट ट्रीटमेंट, एनडीटी जाँच या सतह कोटिंग सेवा दें
- ड्रोन असेंबली या ड्रोन सेवा कंपनी शुरू करें
- इंजीनियरिंग डिज़ाइन और दस्तावेज़ सेवा दें
क्लस्टर की मुश्किलें
- AS9100 गुणवत्ता प्रमाणन महँगा और धीमा है
- रक्षा ख़रीदारों से भुगतान और मंज़ूरी में लंबा समय
- महँगी सीएनसी मशीनों और कुशल मशीनिस्टों की ज़रूरत
- ऑर्डर सरकारी रक्षा बजट पर निर्भर
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
सटीक शीट-मेटल फ़ैब्रिकेशन (जॉब शॉप) →इन्वेस्टमेंट कास्टिंग (लॉस्ट वैक्स विधि) →ड्रोन असेंबली इकाई →ड्रोन सर्विसिंग और मरम्मत केंद्र →
