कहानी
भारतीय विज्ञान संस्थान और राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र जैसे शोध संस्थानों ने बेंगलुरु में मज़बूत विज्ञान आधार बनाया। 1978 में इसी शहर में शुरू हुई बायोकॉन भारत की सबसे जानी-मानी बायोटेक कंपनी बनी और शेयर बाज़ार में आने वाली पहली बायोटेक कंपनी थी। राज्य ने नई कंपनियों के लिए बायोटेक पार्क और बायो-इनक्यूबेटर बनाए। कर्नाटक को अक्सर भारत की बायोटेक राजधानी कहा जाता है।
आँकड़ों में
कर्नाटक में 200 से अधिक बायोटेक कंपनियाँ हैं और देश की बायोटेक आय में राज्य का हिस्सा 26% है।
Karnataka State Industrial Profile 2015-16 (MSME-DI Bengaluru, DC-MSME) · 2016
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- लैब का सामान, रसायन और उपकरण सर्विसिंग दें
- उत्पादकों के लिए पौध टिशू-कल्चर लैब चलाएँ
- बायोटेक स्टार्ट-अप को नियामक और दस्तावेज़ सेवा दें
- अनुबंध जाँच या हर्बल अर्क सेवा शुरू करें
क्लस्टर की मुश्किलें
- भारी पूँजी और लंबा उत्पाद चक्र
- कड़ी नियामक मंज़ूरियाँ
- अनुभवी कर्मचारियों की कमी
- आयातित लैब उपकरणों पर निर्भरता
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
पौधों की टिशू कल्चर प्रयोगशाला →जड़ी-बूटी अर्क (एक्सट्रैक्ट) इकाई →
