कहानी
बुंदेलखंड के टीकमगढ़ और दतिया के धातु कारीगर पीढ़ियों से चली आ रही मोम-ढलाई और रेत-ढलाई विधि से कांसे का सामान बनाते हैं। उनके बर्तन, दीपक और मूर्तियाँ तीर्थ नगरों और शिल्प मेलों में बिकती हैं। 'बेल मेटल वेयर ऑफ़ दतिया एंड टीकमगढ़' पंजीकृत GI है, जिसका नाम और लोगो दोनों पंजीकृत हैं।
आँकड़ों में
'बेल मेटल वेयर ऑफ़ दतिया एंड टीकमगढ़' 2008-09 में आवेदन संख्या 102 के तहत GI के रूप में पंजीकृत हुआ, और इसका लोगो 2013-14 में आवेदन संख्या 388 के तहत।
Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India) · 2026
GI टैग
- Bell Metal Ware of Datia and Tikamgarhआवेदन संख्या GI Application No. 102Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
- Bell Metal Ware of Datia and Tikamgarh (Logo)आवेदन संख्या GI Application No. 388Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- GI कांसा उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री
- कारीगरों को कबाड़ धातु और मिश्रधातु की आपूर्ति
- पॉलिश, पैकिंग और गिफ़्ट-सेट बनाना
- आधुनिक सजावट के लिए डिज़ाइन सहयोग
क्लस्टर की मुश्किलें
- धातु के ऊँचे दाम
- सस्ते मशीन से बने पीतल के सामान से मुक़ाबला
- कम युवा कारीगर इस शिल्प में आ रहे हैं
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
धातु हस्तशिल्प यूनिट →पूजा के पीतल के सामान (मूर्तियाँ, दीये, घंटियाँ) →पीतल के बर्तन (थाली सेट) →अलौह धातु कास्टिंग फ़ाउंड्री (पीतल, काँसा, गन मेटल) →
