कहानी
इंदौर कभी कपड़ा मिलों का शहर था। मिलें बंद होने पर सिलाई कारख़ानों और गारमेंट इकाइयों ने वही हुनर और व्यापार नेटवर्क अपना लिया। आज सैकड़ों छोटी इकाइयाँ मध्य और पश्चिम भारत के थोक बाज़ारों के लिए शर्ट, पैंट, जींस और बच्चों के कपड़े सिलती हैं। क्लस्टर ने मालवा अपैरल पार्क लिमिटेड नाम से SPV बनाई और कौशल के लिए अपैरल प्रशिक्षण केंद्र खोला।
आँकड़ों में
इंदौर रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर में 1,475 चालू इकाइयाँ, ₹850 करोड़ का कारोबार, ₹70 करोड़ का निर्यात और 60,000 लोगों को रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Indore District (MSME-DI, Ministry of MSME) · 2016क्लस्टर का कारोबार ₹600 करोड़ से बढ़कर ₹850 करोड़ और निर्यात ₹50 करोड़ से बढ़कर ₹70 करोड़ हुआ।
Brief Industrial Profile of Indore District (MSME-DI, Ministry of MSME) · 2016
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- स्थापित ब्रांडों और थोक व्यापारियों के लिए सिलाई जॉब-वर्क
- धुलाई, फ़िनिशिंग, कढ़ाई और छपाई सेवाएँ
- लेबल, बटन, ट्रिम और पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति
- अपने ब्रांड के कपड़े ऑनलाइन बेचना
क्लस्टर की मुश्किलें
- पुरानी मशीनों का आधुनिकीकरण
- कुशल दर्ज़ियों की कमी
- निर्यात बाज़ार तक पहुँच
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
रेडीमेड कपड़ा इकाई (बच्चों के रोम्पर) →पुरुषों की शर्ट और पतलून →डेनिम कपड़े (जींस, जैकेट, शॉर्ट्स) →बच्चों के कपड़े →शिशु वस्त्र निर्माण →कंप्यूटराइज़्ड कढ़ाई (जॉब वर्क) →बुने हुए लेबल (वोवन लेबल) निर्माण →
