कहानी
इंदौर का दवा क्लस्टर मध्य भारत को दवा देने वाली छोटी इकाइयों से शुरू हुआ और फिर बड़ी कंपनियों के इंदौर व पीथमपुर में कारख़ाने लगाने से बढ़ा। क्लस्टर ने साझा जाँच और शोध सुविधाएँ बनाने के लिए एक विशेष संस्था (SPV) बनाई, और कई इकाइयों ने निर्यात के लिए WHO-GMP मानक अपनाए। आज दवाएँ मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात हैं।
आँकड़ों में
इंदौर दवा क्लस्टर में लगभग 300 चालू इकाइयाँ, ₹3,200 करोड़ का कारोबार, ₹120 करोड़ का निर्यात और 20,000 लोगों को रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Indore District (MSME-DI, Ministry of MSME) · 2016क्लस्टर की लगभग 105 इकाइयाँ GMP मानकों पर खरी उतरीं और निर्यात ₹19.3 करोड़ से बढ़कर ₹120 करोड़ हुआ।
Brief Industrial Profile of Indore District (MSME-DI, Ministry of MSME) · 20162025-26 में दवाएँ मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात रहीं: ₹9,606.30 करोड़।
Madhya Pradesh: State Economy and Industries (IBEF) · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- मार्केटिंग कंपनियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफ़ैक्चरिंग और लोन लाइसेंसिंग
- पैकेजिंग सामग्री: ब्लिस्टर फ़ॉइल, डिब्बे, लेबल और बोतलें
- जाँच, वैलिडेशन और नियामक दस्तावेज़ सेवाएँ
- दवा वितरण और स्टॉकिस्ट का काम
क्लस्टर की मुश्किलें
- WHO-GMP और निर्यात नियमों का पालन
- तकनीक सुधार और साझा जाँच-शोध सुविधाएँ
- छोटी इकाइयों के लिए निर्यात बाज़ार तक पहुँच
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
दवा की गोलियाँ बनाने की यूनिट →कैप्सूल खोल और दवा की ब्लिस्टर फ़ॉइल →आयुर्वेदिक गोली (टैबलेट) निर्माण →आयुर्वेदिक कैप्सूल निर्माण →दवा की दुकान (मेडिकल स्टोर) →
