कहानी
खरगोन ज़िले में नर्मदा किनारे बसा महेश्वर होलकर रानी अहिल्याबाई की राजधानी था, और यहाँ बुनाई शाही संरक्षण में फली-फूली। महेश्वरी साड़ियाँ हल्की सूती और सिल्क-कॉटन साड़ियाँ हैं जिनका किनारा दोनों तरफ़ से पहना जा सकता है; ये शहर और आसपास के गाँवों में हथकरघे पर बुनी जाती हैं। 'महेश्वर साड़ी एवं कपड़ा' पंजीकृत GI है।
आँकड़ों में
'महेश्वर साड़ी एवं कपड़ा' 2012-13 में आवेदन संख्या 197 के तहत GI के रूप में पंजीकृत हुआ।
Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India) · 2026
GI टैग
- Maheshwar Sarees & Fabricsआवेदन संख्या GI Application No. 197Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- GI-टैग वाली महेश्वरी साड़ियों की ऑनलाइन और सीधी बिक्री
- बुनकरों को धागा और प्राकृतिक रंग की आपूर्ति
- होम-टेक्सटाइल के लिए डिज़ाइन और नए उत्पाद
- महेश्वर के घाट और क़िले से जुड़े विरासत-बुनाई टूर
क्लस्टर की मुश्किलें
- क्षेत्र के बाहर बनी नक़ली 'महेश्वरी' साड़ियाँ
- धागे के बढ़ते दाम
- युवा बुनाई छोड़कर दूसरे काम में जा रहे हैं
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →शॉल, स्टोल, स्कार्फ़ और रैप →क्षेत्रीय ख़ास उत्पादों का ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस →सामुदायिक ग्राम पर्यटन →
