कहानी
मध्य भारत की खेती को अनाज, सोयाबीन और खाद के लिए बोरे, सिंचाई के लिए पाइप और पैकिंग के लिए फ़िल्म चाहिए। इसी माँग को पूरा करने के लिए इंदौर में प्लास्टिक इकाइयाँ बढ़ीं, जो पेट्रोकेमिकल कंपनियों से दाना ख़रीदकर मंडियों, खाद कंपनियों और खाद्य उद्योगों को माल बेचती हैं।
आँकड़ों में
इंदौर प्लास्टिक पैकेजिंग क्लस्टर में लगभग 135 इकाइयाँ, ₹2,500 करोड़ का कारोबार और 11,000 लोगों को सीधा रोज़गार (20,000 अप्रत्यक्ष) था।
Brief Industrial Profile of Indore District (MSME-DI, Ministry of MSME) · 2016
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बुने बोरों और लैमिनेटेड थैलों की छपाई और कटाई-सिलाई
- प्लास्टिक कचरे को रिसाइकल कर दाना बनाना
- जाँच और गुणवत्ता प्रमाणन सेवाएँ
- प्लास्टिक दाने का व्यापार
क्लस्टर की मुश्किलें
- कच्चे माल के दामों में उतार-चढ़ाव
- जाँच सुविधाओं की कमी
- प्रशिक्षित कामगारों की कमी
- बाज़ार केवल देश के भीतर; निर्यात नहीं
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
HDPE बुने बोरे का प्लांट (एक्सट्रूज़न से सिलाई तक) →PP बुने बोरे बनाना (छपाई, कटाई, सिलाई) →HDPE पाइप बनाना →तीन-परत को-एक्सट्रूडेड ब्लोन फ़िल्म →प्लास्टिक कचरा रीसाइक्लिंग (दाना) →लैमिनेटेड फ़्लेक्सिबल पैकेजिंग →
