कहानी
गुजरात का दवा उद्योग अहमदाबाद और वडोदरा की शुरुआती कंपनियों से और राज्य के रसायन आधार से बढ़ा, जो सॉल्वेंट और इंटरमीडिएट देता है। बड़ी कंपनियों ने विदेशी नियामकों से मंज़ूर संयंत्र बनाए, और कई छोटी कंपनियाँ उनके लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करती हैं। चांगोदर, साणंद, वडोदरा और भरूच के आसपास के क्लस्टर चिकित्सा उपकरण भी बनाते हैं।
आँकड़ों में
गुजरात भारत के दवा उत्पादन का 30% और दवा निर्यात का 28% देता है (अप्रैल 2025)।
183 new pharma units set up in Gujarat with investment of Rs 12,000 crore in 2024-25 (KNN India) · 2025गुजरात में 4,000 से ज़्यादा दवा निर्माण इकाइयाँ हैं, जिनमें लगभग 50,000 लोग काम करते हैं; 2024-25 में 183 नए एलोपैथिक दवा संयंत्र लगे (अप्रैल 2025)।
183 new pharma units set up in Gujarat with investment of Rs 12,000 crore in 2024-25 (KNN India) · 2025भारत के 53% चिकित्सा उपकरण और 78% हृदय स्टेंट गुजरात में बनते हैं (अप्रैल 2025)।
183 new pharma units set up in Gujarat with investment of Rs 12,000 crore in 2024-25 (KNN India) · 2025
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- कॉन्ट्रैक्ट और लोन-लाइसेंस पर निर्माण
- ब्लिस्टर फ़ॉयल और कैप्सूल शेल जैसी पैकिंग सामग्री
- नियामक, जाँच और दस्तावेज़ सेवाएँ
- दवाओं का वितरण
क्लस्टर की मुश्किलें
- कड़े GMP नियम और विदेशी नियामकों की जाँच
- आयातित कच्चे माल पर निर्भरता
- दवाओं पर मूल्य नियंत्रण
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कैप्सूल खोल और दवा की ब्लिस्टर फ़ॉइल →आयुर्वेदिक शास्त्रीय दवा इकाई (अरिष्ट, चूर्ण, अवलेह) →दवा की दुकान (मेडिकल स्टोर) →डिस्पोज़ेबल प्लास्टिक सिरिंज →
