कहानी
लखनऊ के किनारे बसा मलीहाबाद आम के बाग़ों से घिरा है और दशहरी किस्म के लिए सबसे अधिक जाना जाता है। बाग़ मालिक हर मौसम में फल ठेकेदारों को पट्टे पर देते हैं, और फ़सल पूरे उत्तर भारत की मंडियों में बिकती है और निर्यात भी बढ़ रहा है। मलीहाबादी दशहरी आम का GI टैग राष्ट्रीय बाग़वानी बोर्ड के नाम पंजीकृत है।
आँकड़ों में
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GI टैग
- Mango Malihabadi Dusseheriआवेदन संख्या GI Application No. 125; Registration No. 108GI Registry, IP India - Application 125: Mango Malihabadi Dusseheri
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- पकाने के चैंबर, छँटाई और पैकहाउस सेवा
- मौसम में सीधे ग्राहक तक आम के डिब्बे
- गूदा, अचार और अमावट (आम पापड़) प्रसंस्करण
- नर्सरी और कलमी पौधों का व्यापार
क्लस्टर की मुश्किलें
- छोटा मौसम और भारी आवक पर दाम गिरना
- पुराने बाग़ और घटती पैदावार
- कीट और मौसम से नुक़सान
- निर्यात के लिए अवशेष और क्वारंटीन के सख़्त नियम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
आम का पल्प बनाना →आम पापड़ (आम की जेली) →फल और सब्ज़ी कैनिंग इकाई (आम का गूदा, तरी वाली सब्ज़ियाँ) →आम की गुठली का तेल (मैंगो बटर) →
