कहानी
अहमदाबाद की कपड़ा मिलों ने रंगों का स्थानीय बाज़ार बनाया, और उन्हें सप्लाई करने के लिए वटवा और नरोडा के GIDC एस्टेट में छोटी रसायन इकाइयाँ लगीं। समय के साथ ये इकाइयाँ यूरोप और पूर्वी एशिया को रंग और इंटरमीडिएट निर्यात करने लगीं। एस्टेट साझा अपशिष्ट जल शोधन पर निर्भर हैं, और प्रदूषण नियंत्रण लगातार मुद्दा रहता है।
आँकड़ों में
वटवा डाई क्लस्टर में 419 इकाइयाँ और 50,800 कामगार थे (ज़िला प्रोफ़ाइल, लगभग 2012)।
Brief Industrial Profile of Ahmedabad District (MSME-DI Ahmedabad, Ministry of MSME) · 2012नरोडा डाई क्लस्टर में 154 इकाइयाँ थीं और सालाना कारोबार ₹1,854 करोड़ था (ज़िला प्रोफ़ाइल, लगभग 2012)।
Brief Industrial Profile of Ahmedabad District (MSME-DI Ahmedabad, Ministry of MSME) · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- डाई निर्यातकों के लिए जॉब-वर्क प्रोसेसिंग
- लैब जाँच और शेड-मैचिंग सेवाएँ
- कच्चे रसायन और पैकिंग की सप्लाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- प्रदूषण नियंत्रण की लागत
- कच्चे माल के दामों में उतार-चढ़ाव
- वित्त और बुनियादी ढाँचे की कमी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
सल्फ़र ब्लैक डाई →छपाई की स्याही (प्रिंटिंग इंक) →दुपट्टा रँगाई (कलरिंग और डाइंग) यूनिट →
