कहानी
बल्लारी–होसपेटे–संडूर क्षेत्र में भारत के सबसे समृद्ध हेमेटाइट लौह अयस्क भंडार हैं। खनन के कारण यहाँ स्पंज आयरन संयंत्र और बाद में तोरणगल्लु में जेएसडब्ल्यू जैसे बड़े स्टील कारख़ाने आए। खदानों और संयंत्रों के आसपास फ़ैब्रिकेशन, परिवहन और भारी वाहन सर्विसिंग की छोटी इकाइयाँ बढ़ीं। 2000 के दशक के अवैध खनन मामलों के बाद खनन नियम कड़े हुए।
आँकड़ों में
बल्लारी के स्टील और स्पंज आयरन क्लस्टर में 50 इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹2,000 करोड़ और रोज़गार 10,000 लोगों को (2010-11 के आँकड़े)।
Brief Industrial Profile of Bellary District (MSME-DI Hubli, DC-MSME) · 2011
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- स्टील संयंत्रों के लिए फ़ैब्रिकेशन और मशीन शॉप
- भारी वाहन और अर्थ-मूवर सर्विसिंग
- स्लैग और स्क्रैप रीसाइक्लिंग
- औद्योगिक गैस, रिफ़्रैक्टरी और पुर्ज़ों की सप्लाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- खनन सीमा और अदालती पाबंदियाँ
- हवा और धूल प्रदूषण
- विश्व स्टील दामों में उतार-चढ़ाव
- स्थानीय सप्लाई पर बड़े संयंत्रों का दबदबा
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
स्टील री-रोलिंग मिल (MS गोल छड़, एंगल, चैनल, टोर स्टील) →धातुकर्म कोक इकाई (छोटे कोक ओवन) →धातु कबाड़ रीसाइक्लिंग यूनिट →फ़ायर क्ले रिफ़्रैक्टरी ईंट और ब्लॉक →
