कहानी
दामोदर नहर की सिंचाई ने बर्धमान को पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा धान ज़िला बना दिया, जिसे राज्य का धान का कटोरा कहा जाता है। धान मंडियों के आसपास बड़ी चावल मिलें बनीं, साथ में राइस ब्रान तेल और पशु आहार बनाने वाली इकाइयाँ भी। ज़िले के गोबिंदोभोग चावल और यहाँ की मिठाइयों सीताभोग और मिहिदाना को GI टैग मिला है।
आँकड़ों में
बर्धमान चावल मिल क्लस्टर में 133 चालू इकाइयाँ, ₹800 करोड़ का कारोबार और 18,000 लोगों का रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Burdwan District, MSME-DI Kolkata, Ministry of MSME · 2012
GI टैग
- Gobindobhog Riceआवेदन संख्या Application No. 531Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
- Bardhaman Sitabhogआवेदन संख्या Application No. 525Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
- Bardhaman Mihidanaआवेदन संख्या Application No. 526Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- राइस ब्रान तेल और भूसी से बिजली या ब्रिकेट
- महानगरों के लिए गोबिंदोभोग चावल की ब्रांडेड पैकिंग
- मुरमुरा और पोहा इकाइयाँ
- धान सुखाने और भंडारण की सेवा
क्लस्टर की मुश्किलें
- जाँच सुविधाओं की कमी (ज़िला प्रोफ़ाइल के अनुसार)
- भूसी निपटान और प्रदूषण
- सरकारी ख़रीद और निर्यात नियमों में बदलाव
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
राइस मिल (मिनी) →मुरमुरा (मुरी/लाई) यूनिट →चिवड़ा / पोहा बनाना →धान की भूसी का पार्टिकल बोर्ड →करी पाउडर और चावल पाउडर इकाई →
