कहानी
हीराकुड बाँध की सिंचाई ने बरगढ़ को ओडिशा के सबसे बड़े धान उत्पादक ज़िलों में बदल दिया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली और निजी व्यापार के लिए अतिरिक्त धान कूटने को शहर के आसपास चावल मिलें बनीं। चोकर और भूसी जैसे सह-उत्पाद तेल मिलों और बॉयलरों में जाते हैं।
आँकड़ों में
बरगढ़ चावल मिल क्लस्टर में 150 चालू इकाइयाँ, ₹1,000 करोड़ का कारोबार, एजेंटों के ज़रिए ₹120 करोड़ का निर्यात और 12,000 लोगों का रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Bargarh District, MSME-DI Cuttack, Ministry of MSME · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- राइस ब्रान तेल निकालना
- भूसी से बिजली और ब्रिकेट इकाइयाँ
- दुकानों के लिए ब्रांडेड चावल पैकिंग
क्लस्टर की मुश्किलें
- सरकारी कस्टम-मिलिंग दरों पर निर्भरता
- भूसी की राख का निपटान
- बिजली की लागत
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
राइस मिल (मिनी) →धान की भूसी का पार्टिकल बोर्ड →रबर राइस पॉलिशर (चावल मिल के रबर पुर्ज़े) →मुरमुरा (मुरी/लाई) यूनिट →
