कहानी
1900 के दशक की शुरुआत में पारसी और ईरानी किसानों ने डहाणू–घोलवड तट पर चीकू के बाग़ लगाए, और कैल्शियम से भरपूर मिट्टी और नम तटीय मौसम ने फल को मीठा स्वाद दिया। यहाँ का चीकू ट्रेन और ट्रक से मुंबई, गुजरात और उत्तर भारत जाता है, और स्थानीय चीकू उत्सव में पर्यटक आते हैं। इस फल को 2017 में GI टैग मिला।
आँकड़ों में
डहाणू घोलवड चीकू पंजीकृत GI है (आवेदन संख्या 493, प्रमाणपत्र संख्या 280, दिनांक 09-03-2017); आवेदक महाराष्ट्र राज्य चीकू उत्पादक संघ है।
GI Registry (IP India) – Application No. 493, Dahanu Gholvad Chikoo · 2017
GI टैग
- Dahanu Gholvad Chikooआवेदन संख्या GI Application No. 493, Certificate No. 280 (09-03-2017)GI Registry (IP India) – Application No. 493, Dahanu Gholvad Chikoo
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- पूरे साल बिक्री के लिए चीकू चिप्स, पाउडर और सूखी फाँकें
- दूर के बाज़ारों के लिए कोल्ड चेन और पकाने की सुविधा
- बाग़ों में कृषि पर्यटन और फ़ार्म स्टे
- शहरी ख़रीदारों को GI टैग वाले चीकू की सीधी बिक्री
क्लस्टर की मुश्किलें
- कटाई के बाद फल जल्दी ख़राब होता है
- कीट (फल छेदक) और चक्रवात से नुक़सान
- डहाणू क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण की चिंता
- भरपूर मौसम में कम दाम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
मिक्स फलों का जूस और स्क्वैश यूनिट →स्प्रे-ड्राई फल, सब्ज़ी और फ़ैट पाउडर →कृषि-पर्यटन फ़ार्म →कोल्ड रूम (2 × 10 MT) फल-सब्ज़ी के लिए →
