कहानी
जालंधर की टैनरियाँ खेल सामान और जूता उद्योग के साथ बढ़ीं, जिन्हें गेंद, दस्ताने और जूतों के लिए चमड़ा चाहिए था। इकाइयों को कपूरथला रोड के लेदर कॉम्प्लेक्स में लाया गया, जहाँ साझा गंदा-पानी शोधन संयंत्र है। प्रदूषण सीमा के कारण अदालती आदेशों से टैनरियाँ बार-बार बंद हुईं, और शोधन संयंत्र पूरा पानी साफ़ नहीं कर पाया। क्लस्टर का भविष्य गंदे पानी के नियम पूरे करने पर टिका है।
आँकड़ों में
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के 29 अक्टूबर के आदेश के बाद कपूरथला रोड लेदर कॉम्प्लेक्स की सभी 61 इकाइयाँ बंद पड़ी थीं।
The Tribune — Leather units likely to open in two months in district · 20205 MLD का साझा शोधन संयंत्र कभी 3.5 MLD से ज़्यादा क्षमता पर नहीं चला।
The Tribune — Jalandhar leather industry in crisis as PPCB acts tough
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- तैयार चमड़े से दस्ताने, बेल्ट और खेल सामान का चमड़ा बनाना
- गंदा-पानी शोधन और क्रोम-रिकवरी सेवा
- खेल और जूता इकाइयों को तैयार चमड़े का व्यापार
- चमड़े की गुणवत्ता जाँच सेवा
क्लस्टर की मुश्किलें
- प्रदूषण के कारण अदालती बंदी
- शोधन संयंत्र की कम क्षमता
- कच्ची खाल की आपूर्ति
- टैनिंग का दूसरे राज्यों में जाना
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
जूते के ऊपरी हिस्से का तैयार चमड़ा (टैनरी) →औद्योगिक चमड़े के हाथ के दस्ताने →चमड़े की कमर पेटी (बेल्ट) बनाना →चमड़े की क्रिकेट गेंद बनाना →फ़ैंसी चमड़े के दस्ताने →
