कहानी
लुधियाना का हल्का इंजीनियरिंग उद्योग जीटी रोड के किनारे छोटी ढलाई इकाइयों और वर्कशॉप से शुरू हुआ, जो स्थानीय खेतों और कारख़ानों के लिए मशीनें बनाती थीं। दशकों में इन दुकानों ने खराद, प्रेस, तेल एक्सपेलर और लकड़ी की मशीनें बनानी शुरू कीं जो देश-विदेश के छोटे कारख़ानों को बिकती हैं। इनके साथ शीट-मेटल, तार-खिंचाई और छपाई-पैकेजिंग के क्लस्टर भी बढ़े। ज़्यादातर इकाइयाँ सूक्ष्म और लघु हैं, जिन्हें मालिक-इंजीनियर चलाते हैं।
आँकड़ों में
मशीन टूल क्लस्टर में 250 चालू इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹250 करोड़, निर्यात ₹150 करोड़ और रोज़गार 15,000।
MSME-DI Ludhiana — Brief Industrial Profile of Ludhiana District · 2012शीट मेटल पार्ट्स क्लस्टर में 700 चालू इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹3,750 करोड़।
MSME-DI Ludhiana — Brief Industrial Profile of Ludhiana District · 2012ऑयल एक्सपेलर एंड पार्ट्स क्लस्टर में 150 चालू इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹15,000 लाख और निर्यात ₹1,500 लाख।
MSME-DI Ludhiana — Brief Industrial Profile of Ludhiana District · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- डीलर बनकर लुधियाना की मशीनें दूसरे राज्यों के नए कारख़ानों को बेचना
- पुरानी मशीनों में CNC लगाना और मरम्मत
- लेज़र कटिंग और शीट-मेटल जॉब-वर्क
- एक्सपेलर और प्रेस के पुर्ज़े और बिक्री-बाद सेवा
क्लस्टर की मुश्किलें
- बिजली की ऊँची दरें
- कच्चे माल की आपूर्ति और स्टील के दाम
- पुरानी तकनीक और कुशल मशीन चालकों की कमी
- आयातित CNC मशीनों से मुकाबला
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
CNC इंजीनियरिंग वर्कशॉप (बारीक जॉब वर्क) →सटीक शीट-मेटल फ़ैब्रिकेशन (जॉब शॉप) →शीट मेटल डाई बनाने का टूल रूम →इंजीनियरिंग वर्कशॉप (जॉब वर्क और मरम्मत) →गैल्वनाइज़्ड स्टील (GI) तार →इलेक्ट्रोस्टैटिक पाउडर कोटिंग इकाई →तेल मिल (कच्ची घानी सरसों / मूंगफली) →
