कहानी
जालंधर का वाल्व कारोबार पीतल की ढलाई इकाइयों से बढ़ा जो घरों और खेतों के लिए नल और फ़िटिंग बनाती थीं। समय के साथ इकाइयाँ पानी, प्लंबिंग और उद्योग के लिए गेट, ग्लोब और बॉल वाल्व बनाने लगीं। ढलाई, मशीनिंग और पॉलिश का काम कई छोटी दुकानों में बँटा है जो मिलकर काम करती हैं। MSE-CDP के तहत साझा सुविधा के लिए क्लस्टर ने 'वाल्व वर्ल्ड' नाम की विशेष कंपनी (SPV) बनाई।
आँकड़ों में
वाल्व वर्ल्ड क्लस्टर में 350 चालू इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹800 करोड़ और रोज़गार 13,050।
MSME-DI Ludhiana — Brief Industrial Profile of Jalandhar District · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- मशीनिंग, पॉलिश और क्रोम-प्लेटिंग जॉब-वर्क
- जालंधर की फ़िटिंग दूसरे राज्यों के प्लंबरों और बिल्डरों तक पहुँचाना
- जाँच और प्रमाणन सेवा (BIS मार्क में मदद)
- वाल्व जोड़ने वालों के लिए पीतल और गनमेटल ढलाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- बिजली की कमी
- औद्योगिक ज़मीन की कमी
- पीतल और तांबे के दाम में उतार-चढ़ाव
- सस्ती आयातित फ़िटिंग से मुकाबला
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
अलौह धातु कास्टिंग फ़ाउंड्री (पीतल, काँसा, गन मेटल) →हाइड्रोलिक वाल्व निर्माण →CNC इंजीनियरिंग वर्कशॉप (बारीक जॉब वर्क) →मैलिएबल आयरन कास्टिंग (पाइप फ़िटिंग और ऑटो पुर्ज़े) →
