कहानी
1947 के बाद पश्चिमी पंजाब के सियालकोट से आए कारीगर जालंधर में बसे और बैट, गेंद और हॉकी स्टिक बनाने लगे। बस्ती शेख़, बस्ती नौ और खेल बाज़ार इसका केंद्र बने, जहाँ पारिवारिक कंपनियाँ राष्ट्रीय टीमों को माल देती रहीं और दूर-दूर तक निर्यात करती रहीं। पिछले दो दशकों में गेंदों में चीनी मुकाबले और मेरठ के बढ़ने से जालंधर का निर्यात हिस्सा घटा है। अब क्लस्टर फ़िटनेस उपकरण, सुरक्षा सामान और ब्रांडेड खेल कपड़ों की ओर बढ़ा है।
आँकड़ों में
जालंधर में खेल के सामान की 3,000 से ज़्यादा इकाइयाँ हैं।
CareEdge Ratings — Khelo Bharat Niti 2025 report · 2025भारत के खेल सामान निर्यात में जालंधर का हिस्सा 90% के शिखर से घटकर लगभग 35% रह गया।
YourStory — Nike, Adidas and Puma once sourced from this Punjab city. What happened? · 2026स्पोर्ट्स गुड्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के अनुसार भारत के कुल खेल सामान निर्यात का 60 प्रतिशत जालंधर से होता था।
The Tribune — Special coverage, Jalandhar sports goods · 2009
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- फ़िटनेस और जिम सामान का अनुबंध पर निर्माण
- क्रिकेट और हॉकी सामान का ऑनलाइन सीधा-ग्राहक ब्रांड
- स्कूलों और अकादमियों को खेल किट की आपूर्ति
- बड़ी कंपनियों के लिए ग्रिप, हैंडल, ब्लैडर और पैकिंग जैसे पुर्ज़े बनाना
क्लस्टर की मुश्किलें
- सस्ती चीनी गेंदें और सामान
- निर्यात में मेरठ का बढ़ता हिस्सा
- विलो लकड़ी और कच्चे माल की बढ़ती लागत
- छोटी कंपनियों के पास डिज़ाइन और मार्केटिंग की पहुँच कम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
क्रिकेट बैट →चमड़े की क्रिकेट गेंद बनाना →क्रिकेट बैटिंग दस्ताने बनाने की इकाई →बैडमिंटन रैकेट निर्माण →टेनिस बॉल निर्माण →खेल के जूते बनाने की इकाई →ट्रैक सूट सिलाई →PVC क्रिकेट बैट और गेंद निर्माण →
