कहानी
बँटवारे के बाद मंडी गोबिंदगढ़ पंजाब का स्टील शहर बना, जब लुधियाना और अंबाला के बीच जीटी रोड और रेल लाइन पर री-रोलिंग मिलें लगीं। मिलें इंडक्शन भट्ठियों में कबाड़ पिघलाकर उत्तर भारत के निर्माण के लिए सरिया, एंगल और चैनल बनाती थीं। शहर में ढलाई, फ़ोर्जिंग और रोलिंग-मिल मशीनें बनाने वाली इकाइयाँ भी बढ़ीं। बिजली महँगी होने और बड़े स्टील संयंत्रों के बाज़ार लेने से 2013 के बाद कई इकाइयाँ बंद हुईं।
आँकड़ों में
पंजाब के फ़तेहगढ़ साहिब ज़िले में 247 स्टील इकाइयाँ हैं, जिनमें 74 इंडक्शन भट्ठियाँ और 2 इलेक्ट्रिक आर्क भट्ठियाँ हैं।
Ministry of Steel — Lok Sabha unstarred question reply2013 के बाद शहर की 110 में से 62 इंडक्शन इकाइयाँ, 70 में से 30 ढलाई इकाइयाँ और लगभग 200 रोलिंग मिलें बंद हो गईं।
The Tribune — Mandi Gobindgarh's steel business faces slow death
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- उत्तर भारत के बिल्डरों को TMT सरिया और ढाँचागत स्टील का व्यापार
- इंडक्शन भट्ठियों के लिए कबाड़ इकट्ठा करना और छाँटना
- रोलिंग-मिल के पुर्ज़े, रोल और मशीन मरम्मत
- स्थानीय सेक्शन से स्टील ढाँचे बनाना
क्लस्टर की मुश्किलें
- इंडक्शन भट्ठियों के लिए महँगी बिजली
- बड़े स्टील संयंत्रों से मुकाबला
- प्रदूषण नियंत्रण की शर्तें
- कबाड़ के दाम में उतार-चढ़ाव
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
स्टील री-रोलिंग मिल (MS गोल छड़, एंगल, चैनल, टोर स्टील) →स्टेनलेस स्टील सिल्लियाँ (इंडक्शन भट्ठी) →स्टील कास्टिंग (इंडक्शन भट्ठी वाली ढलाई) →स्पर गियर के फ़ोर्जिंग ब्लैंक →धातु कबाड़ रीसाइक्लिंग यूनिट →हाई ड्यूटी आयरन कास्टिंग (ढलाईघर) →
