कहानी
कन्नूर में हथकरघा बुनाई उन्नीसवीं सदी में बेसल मिशन ने संगठित की, जिसने फ़्लाई-शटल करघा और ख़ाकी कपड़ा शुरू किया। बाद में कन्नूर के बुनकर सहकारी समितियों और निजी कंपनियों के ज़रिए निर्यात के लिए सजावटी कपड़े और मेड-अप्स में माहिर हुए। कन्हिरोड बुनकर सहकारी समिति निर्यात-केंद्रित हथकरघा समितियों का आदर्श बनी। कैनानोर होम फ़र्निशिंग्स को GI टैग मिला है।
आँकड़ों में
कन्नूर से लगभग 13 किमी पूर्व में 1952 में बनी कन्हिरोड बुनकर सहकारी समिति घरेलू और निर्यात बाज़ार के लिए सजावटी कपड़े और मेड-अप्स बनाती है, और यह केरल की पहली ISO 9001-2000 प्रमाणित प्राथमिक हथकरघा समिति थी।
Kanhirode Weavers, Kannur — Kerala Tourismकैनानोर होम फ़र्निशिंग्स पंजीकृत GI है (आवेदन 144, प्रमाणपत्र 117)।
GI Registry — Cannanore Home Furnishings, application 144कन्नूर का ऑफ़सेट प्रिंटर्स क्लस्टर और वुड क्लस्टर, तलिपरम्बा MSE-CDP के पूरे हुए साझा सुविधा केंद्रों में दर्ज हैं।
Completed Common Facility Centres under MSE-CDP (as on 22 Mar 2024), Office of DC-MSME · 2024
GI टैग
- Cannanore Home Furnishingsआवेदन संख्या GI Application No. 144 (Certificate No. 117)GI Registry, Intellectual Property India — application 144
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- सहकारी समितियों और निजी निर्यातकों के ज़रिए मेड-अप्स का निर्यात
- कन्नूर हथकरघा से ऑनलाइन घरेलू-सजावट ब्रांड
- रंगाई, फ़िनिशिंग और सिलाई का जॉब-वर्क
- ख़रीदारों के लिए डिज़ाइन और सैंपलिंग सेवा
क्लस्टर की मुश्किलें
- पावरलूम और मिल के बने सजावटी कपड़ों से मुक़ाबला
- बूढ़े होते बुनकर और कम मज़दूरी
- निर्यात ऑर्डरों का उतार-चढ़ाव
- धागे के बढ़ते दाम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कपड़े के मेड-अप्स (नैपकिन, मैट, एप्रन) →पर्दे बनाना →बेड लिनन सिलाई इकाई (चादर और तकिये के कवर) →घर-सजावट के कपड़े सिलने की इकाई →
