कहानी
बीसवीं सदी की शुरुआत से रबर के बाग़ान मध्य त्रावणकोर में फैले, और आज़ादी के बाद कोट्टयम, पत्तनमतिट्टा और इडुक्की के छोटे किसानों ने बड़ी संख्या में यह फ़सल अपनाई। कोट्टयम शीट रबर के व्यापार का केंद्र और रबर बोर्ड का मुख्यालय बना। इसके बाद डीलर, प्रसंस्करण कारखाने और रबर उत्पाद इकाइयाँ आईं। भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान भी कोट्टयम में है।
आँकड़ों में
भारत के प्राकृतिक रबर उत्पादन में केरल का हिस्सा लगभग 90% से घटकर 78% रह गया है (2023)।
Rubber cultivation in India — Next IAS current affairs · 2023कोट्टयम का रबर क्लस्टर विकास कार्यक्रम साझा सुविधा केंद्र MSE-CDP के तहत पूरा हुआ बताया गया है।
Completed Common Facility Centres under MSE-CDP (as on 22 Mar 2024), Office of DC-MSME · 2024
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- लेटेक्स उत्पाद: दस्ताने, गुब्बारे, धागे, फ़ोम
- ऑटो और इंजीनियरिंग ख़रीदारों के लिए ढले रबर पुर्ज़े
- छोटे उत्पादकों के लिए शीट प्रसंस्करण और धुआँघर सेवा
- टैपिंग प्रशिक्षण और बाग़ान सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- रबर के कम और अस्थिर दाम
- आयातित रबर से मुक़ाबला
- टैपर की कमी
- किसानों का दूसरी फ़सलों की ओर जाना
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
रबर बैंड →रबर के गुब्बारे →डिप्ड लेटेक्स उत्पाद (दस्ताने, ट्यूब, फ़िंगर स्टॉल) →रबर लेटेक्स फ़ोम →ट्रेड रबर (प्री-क्योर्ड ट्रेड) निर्माण →उद्योगों के लिए ढले रबर पुर्ज़े (बुश, O-रिंग, सील) →रबर मैट बनाना →
