कहानी
पेरुम्बावूर पेरियार नदी पर लकड़ी के कस्बे के रूप में बढ़ा, जहाँ आरा मिलें पश्चिमी घाट की लकड़ी चीरती थीं। जब रबर के बाग़ान दोबारा लगाए गए, तो पुरानी रबरवुड प्लाइवुड और विनियर का सस्ता कच्चा माल बनी। पेरुम्बावूर और आलुवा के आसपास सैकड़ों प्लाइवुड और विनियर मिलें बनीं। क्लस्टर अब पूर्वी भारत के प्रवासी मज़दूरों पर बहुत निर्भर है।
आँकड़ों में
पेरुम्बावूर, आलुवा और कन्नूर की प्लाइवुड इकाइयों के 90 प्रतिशत मज़दूर पश्चिम बंगाल और असम से हैं; 2021 में मज़दूरों के जाने पर उत्पादन 60–65 प्रतिशत गिर गया।
Shortage of migrant workers badly hits plywood manufacturing in Kerala, production drops to 65% — Ply Reporter · 2021प्लाइवुड मैन्युफ़ैक्चरिंग क्लस्टर, पेरुम्बावूर का साझा सुविधा केंद्र MSE-CDP के तहत पूरा हुआ बताया गया है।
Completed Common Facility Centres under MSE-CDP (as on 22 Mar 2024), Office of DC-MSME · 2024
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- विनियर छीलने और सुखाने का जॉब-वर्क
- दूसरे राज्यों में प्लाइवुड का व्यापार और वितरण
- स्थानीय पैनलों से मॉड्यूलर फ़र्नीचर और दरवाज़े बनाना
- मिलों को रेज़िन, चिपकने वाले पदार्थ और रसायन की आपूर्ति
क्लस्टर की मुश्किलें
- प्रवासी मज़दूरों पर निर्भरता
- मिलों से प्रदूषण की शिकायतें
- लकड़ी की आपूर्ति और दामों का उतार-चढ़ाव
- MDF और पार्टिकल बोर्ड से मुक़ाबला
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
ब्लॉक बोर्ड और फ़्लश दरवाज़े बनाना →धान की भूसी का पार्टिकल बोर्ड →एल्युमिनियम फ़र्नीचर →
