कहानी
कोच्चि का प्राकृतिक बंदरगाह और केरल के मछली पकड़ने वाले बेड़े इसे समुद्री खाद्य निर्यात का शुरुआती केंद्र बनाते हैं, जिसकी शुरुआत सूखी और डिब्बाबंद झींगा से हुई। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) 1972 में कोच्चि में बना। अरूर, कोच्चि और आसपास के गाँवों में छीलने के शेड और फ़्रीज़िंग संयंत्र बने, जिनमें बहुत-सी महिलाएँ काम करती हैं। यहाँ के निर्यातक अमेरिका, चीन, यूरोप और जापान माल भेजते हैं।
आँकड़ों में
FY 2025-26 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात रिकॉर्ड 19,72,018 टन रहा, जिसका मूल्य लगभग ₹73,890 करोड़ (8.46 अरब अमेरिकी डॉलर) था; कमाई का दो-तिहाई से अधिक जमी झींगा से आया (MPEDA)।
India's seafood exports hit record highs — Onmanorama (MPEDA data) · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- निर्यातकों के लिए प्री-प्रोसेसिंग और छीलने का जॉब-वर्क
- बर्फ़ संयंत्र, कोल्ड स्टोरेज और रीफ़र परिवहन
- घरेलू बाज़ार के लिए पकाने को तैयार समुद्री खाद्य ब्रांड
- टेस्टिंग, HACCP और अनुपालन सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- अमेरिकी एंटी-डंपिंग शुल्क और टैरिफ़
- एंटीबायोटिक अवशेष के कारण माल लौटना
- छीलने के शेड में मज़दूरों की कमी
- घटती पकड़ और नावों का ईंधन ख़र्च
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
फ़्रोज़न मछली इकाई →सूखी झींगा (ड्राइड प्रॉन) इकाई →मछली दाना प्लांट (तैरने वाली गोलियाँ) →तैयार खाना (सब्ज़ी, मिठाई, चावल के व्यंजन) →
