कहानी
केरल सरकार ने 1990 में तिरुवनंतपुरम के बाहरी हिस्से में भारत का पहला टेक्नोलॉजी पार्क, टेक्नोपार्क, बनाया। तैयार दफ़्तर, युवा अंग्रेज़ी-भाषी कार्यबल और बड़े महानगरों से कम ख़र्च ने भारतीय और विदेशी आईटी कंपनियों को आकर्षित किया। यात्रा, विमानन और बैंकिंग सॉफ़्टवेयर की विशेषज्ञ कंपनियाँ यहाँ बढ़ीं। चरण III और चरण IV (टेक्नोसिटी) परिसर को बढ़ा रहे हैं।
आँकड़ों में
टेक्नोपार्क ने 2024-25 में ₹14,575 करोड़ का सॉफ़्टवेयर निर्यात दर्ज किया, जो पिछले साल से 10% अधिक है; यहाँ लगभग 500 आईटी/आईटीईएस कंपनियाँ और 80,000 प्रत्यक्ष नौकरियाँ थीं।
Technopark clocks Rs 14,575 cr exports in 2024-25, posts 10 pc growth — The Week (PTI) · 20252025-26 में टेक्नोपार्क का सॉफ़्टवेयर निर्यात 17.3% बढ़कर ₹17,092 करोड़ हुआ; पार्क में 540 आईटी/आईटीईएस कंपनियाँ हैं, जिनमें 84,000 प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष नौकरियाँ हैं।
Technopark software exports rise 17.3 pc to Rs 17,092 cr in FY26 — HDFC Sky (PTI) · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- पार्क की कंपनियों के लिए सॉफ़्टवेयर सेवा और स्टाफ़िंग
- सुविधा सेवाएँ: परिवहन, भोजन, सफ़ाई, सुरक्षा
- कझक्कूट्टम के पास को-लिविंग और को-वर्किंग
- सॉफ़्टवेयर और डेटा कौशल के प्रशिक्षण संस्थान
क्लस्टर की मुश्किलें
- AI और वैश्विक सुस्ती से भर्ती पर असर
- प्रतिभा का बेंगलुरु और विदेश जाना
- पार्क के आसपास ट्रैफ़िक और ढाँचा
- दूसरे टियर-2 आईटी शहरों से मुक़ाबला
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
IT सपोर्ट और मैनेज्ड सर्विसेज़ →मोबाइल ऐप / सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट स्टूडियो →
