कहानी
मोलकालमूरु एक सूखा तालुक शहर है जहाँ रेशम बुनाई मुख्य रोज़ी बन गई। यहाँ की साड़ियाँ मंदिर जैसी किनारी और तोते, हाथी और आम के आकार जैसे नमूनों के लिए जानी जाती हैं, जो कोंडी तकनीक से बुने जाते हैं। बुनकर घरों और सहकारी समितियों में काम करते हैं। मोलकालमूरु साड़ियों को जीआई टैग मिला है।
आँकड़ों में
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GI टैग
- Molakalmuru Sareesआवेदन संख्या GI application no. 77Registration details of Geographical Indications (IP India GI Registry)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बुनकर परिवारों की सीधी ऑनलाइन बिक्री
- रेशमी धागे और ज़री की सप्लाई
- साड़ी फ़िनिशिंग और पैकेजिंग सेवा
क्लस्टर की मुश्किलें
- पावरलूम नक़ल
- रेशम और ज़री की बढ़ती लागत
- युवाओं का बुनाई छोड़ना
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
साड़ी रोलिंग और पॉलिशिंग →ज़री और सिल्क कढ़ाई →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →
