कहानी
1800 के दशक में नागपुर क्षेत्र में संतरे लगाए गए, और विदर्भ की काली मिट्टी, गर्म गर्मी और ठंडी सर्दी फल को खट्टा-मीठा स्वाद और ढीला छिलका देती है। बाग़ नागपुर, अमरावती और वर्धा ज़िलों में फैले, और नागपुर 'संतरा नगरी' के नाम से जाना जाने लगा। ICAR का केंद्रीय नींबू-वर्गीय अनुसंधान संस्थान नागपुर में है। नागपुरी संतरे को 2014 में GI टैग मिला।
आँकड़ों में
नागपुरी संतरा भारत (महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश) के लिए पंजीकृत GI है, आवेदन संख्या 385, प्रमाणपत्र संख्या 215, दिनांक 31-03-2014; आवेदक डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ है।
GI Registry (IP India) – Application No. 385, Nagpur Orange · 2014
GI टैग
- Nagpur Orangeआवेदन संख्या GI Application No. 385, Certificate No. 215 (31-03-2014)GI Registry (IP India) – Application No. 385, Nagpur Orange
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- दूर के और निर्यात बाज़ारों के लिए ग्रेडिंग, वैक्सिंग और पैकिंग हाउस
- रस, कंसन्ट्रेट और संतरा बर्फ़ी की इकाइयाँ
- रोग-मुक्त प्रमाणित नर्सरी पौधे
- छिलके से एसेंशियल ऑयल और पेक्टिन
क्लस्टर की मुश्किलें
- संतरा बाग़ों का कमज़ोर होना और फ़ाइटोफ़्थोरा रोग
- गर्मी और बेमौसम बारिश में फल गिरना
- मुख्य मौसम में दाम गिरना
- पास में प्रोसेसिंग क्षमता कम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
मिक्स फलों का जूस और स्क्वैश यूनिट →खट्टे फलों और जैम का व्यापार (माल्टा, संतरा, गलगल) →कोल्ड रूम (2 × 10 MT) फल-सब्ज़ी के लिए →
