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खंड 21

पटियाला

Patiala, पंजाब · शिल्प और हथकरघा

फुलकारी कढ़ाई

स्रोत वाले आँकड़े
2
मुख्य उत्पाद
4
शुरू करने लायक बिज़नेस
4

कहानी

फुलकारी ('फूलों का काम') पंजाब की पारंपरिक कढ़ाई है, जिसे पहले औरतें शादी और पारिवारिक मौक़ों के लिए काढ़ती थीं। पटियाला, ख़ासकर त्रिपुरी बाज़ार, इसका मुख्य केंद्र बना जहाँ व्यापारी गाँव की औरतों से हाथ की कढ़ाई वाला सामान ख़रीदते हैं। औरतें घर से 20–50 के समूह बनाकर काम करती हैं और ऑर्डर आपस में बाँटती हैं। अब इसी बाज़ार में मशीन से बनी सस्ती फुलकारी हाथ के काम से मुकाबला करती है।

आँकड़ों में

  1. इलाक़े की औरतें आम तौर पर 20–50 कारीगरों के समूह बनाकर ऑर्डर की कढ़ाई बाँटती हैं।

    People's Archive of Rural India — In Patiala, the thriving craft of phulkari
  2. पटियाला हैंडीक्राफ़्ट वर्कशॉप कोऑपरेटिव सोसाइटी के अनुसार उसने 1994 से पूरे पंजाब में लगभग 55,000 कारीगरों को प्रशिक्षण दिया है।

    People's Archive of Rural India — In Patiala, the thriving craft of phulkari

GI टैग

नए उद्यमी के लिए रास्ते

  • GI-प्रामाणिक हाथ की फुलकारी बेचने वाला ऑनलाइन ब्रांड
  • बुटीक के लिए महिला समूहों से ऑर्डर इकट्ठा करना
  • कढ़ाई करने वालों को रंगा कपड़ा और धागा देना
  • फुलकारी पैनल वाले आधुनिक उत्पाद (जैकेट, थैले) डिज़ाइन करना

क्लस्टर की मुश्किलें

  • मशीन वाली नकल हाथ के काम को सस्ता कर देती है
  • बिचौलिये बड़ा हिस्सा ले जाते हैं
  • धागे और कपड़े की बढ़ती लागत
  • महिला कारीगरों की कम कमाई

यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस

ज़री और सिल्क कढ़ाई →कंप्यूटराइज़्ड कढ़ाई (जॉब वर्क) →लेडीज़ सूट सिलाई यूनिट →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →

स्रोत (2)
  1. People's Archive of Rural India — In Patiala, the thriving craft of phulkari
  2. IP India — Registration Details of Geographical Indications