कहानी
सोपोर उत्तर कश्मीर के सेब बागानों के बीच है, और इसकी फल मंडी घाटी का सबसे बड़ा थोक बाज़ार बनी। तुड़ाई के समय बागवान लकड़ी या गत्ते की पेटियों में सेब लाते हैं, और आढ़ती दिल्ली, पंजाब और देश भर के बाज़ारों के लिए ट्रक भरते हैं। इस मंडी को अक्सर आज़ादपुर के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी फल मंडी कहा जाता है। तुड़ाई के समय हाईवे बंद होना और मौसम की मार सबसे बड़े ख़तरे हैं।
आँकड़ों में
2024-25 में अकेले सोपोर से 289.22 हज़ार मीट्रिक टन फल बाहर भेजा गया, जिससे ₹1,387.50 करोड़ का कारोबार हुआ।
Kashmir Life — Jammu Kashmir exports over 637,000 tonnes of fruit in 2024–25 · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बेमौसम बेचने के लिए CA भंडारण
- श्रेणी, पैकिंग और पेटी की आपूर्ति
- सेब प्रसंस्करण — जूस, सिरका, सूखे टुकड़े
- मैदानों के बाज़ारों तक ट्रक और कोल्ड-चेन
क्लस्टर की मुश्किलें
- तुड़ाई के समय हाईवे बंद होना
- ओले और मौसम की मार
- आयातित सेब से मुकाबला
- ढुलाई और पैकिंग का ऊँचा ख़र्च
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कोल्ड स्टोरेज (आलू, 2000 टन) →सूखे सेब के टुकड़े (डिहाइड्रेटेड सेब) →प्राकृतिक फल सिरका →बिना अल्कोहल वाला सेब साइडर →अखरोट प्रसंस्करण (गिरी) इकाई →कोरुगेटेड बॉक्स यूनिट →
