कहानी
सुजनी पुरानी साड़ियों को कच्ची सिलाई से जोड़कर नवजात शिशुओं के लिए ओढ़ना बनाने की परंपरा से शुरू हुई। मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली के महिला समूहों ने इसे आय का साधन बनाया और गाँव के जीवन व पौराणिक कथाओं के दृश्य कढ़ने लगीं। 'सुजनी एम्ब्रॉयडरी वर्क ऑफ़ बिहार' GI पंजीकृत है।
आँकड़ों में
सुजनी 20 से अधिक गाँवों की लगभग 600 महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का साधन बन गई है।
GST Rate Rationalisation: Expanding Opportunities for Bihar (PIB factsheet) · 2025
GI टैग
- Sujini Embroidery Work of Biharआवेदन संख्या Application No. 74Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- ऑनलाइन शिल्प मंचों के ज़रिए सुजनी उत्पाद बेचें
- महिला सहकारी समितियों के ज़रिए होटलों और निर्यातकों के थोक ऑर्डर
- आधुनिक उत्पादों के लिए डिज़ाइन सहायता
क्लस्टर की मुश्किलें
- धीमा, मेहनत वाला काम और प्रति नग कम कमाई
- बाज़ार तक सीमित पहुँच
- कम युवतियाँ यह शिल्प जारी रख रहीं
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
लोक कला और कला दीर्घा का ऑनलाइन मार्केटप्लेस →कपड़े के मेड-अप्स (नैपकिन, मैट, एप्रन) →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →
