कहानी
कलबुर्गी क्षेत्र की काली कपास मिट्टी इसे भारत के मुख्य अरहर उगाने वाले इलाक़ों में से एक बनाती है, और ज़िले को अक्सर कर्नाटक का दाल कटोरा कहा जाता है। स्थानीय फ़सल के प्रसंस्करण के लिए कलबुर्गी शहर और आसपास दाल मिलें बनीं। गुलबर्गा तुअर दाल अपने स्वाद और जल्दी पकने के लिए जानी जाती है और इसे जीआई टैग मिला है।
आँकड़ों में
डीसी-एमएसएमई ने कलबुर्गी (गुलबर्गा) की दाल मिलों को कर्नाटक के पहचाने गए एमएसई क्लस्टरों में गिना है।
Karnataka State Industrial Profile 2015-16 (MSME-DI Bengaluru, DC-MSME) · 2016
GI टैग
- Gulbarga Tur Dalआवेदन संख्या GI application no. 593Registration details of Geographical Indications (IP India GI Registry)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- कलर सॉर्टर वाली आधुनिक दाल मिल
- शहरों के लिए ब्रांडेड, पैक जीआई तुअर दाल
- छिलके और टुकड़ों से पशु आहार
- दाल व्यापार और भंडारण
क्लस्टर की मुश्किलें
- सूखे वर्षों में फ़सल ख़राब होना
- दामों में उतार-चढ़ाव और आयात
- पुरानी मिलिंग तकनीक
- बिजली का ख़र्च
