कहानी
कपूरथला और फगवाड़ा ने ढलाई और इंजीनियरिंग का आधार बनाया जो पंजाब के खेतों को डीज़ल इंजन और पंप पुर्ज़े देता था। छोटी ढलाई इकाइयाँ पुर्ज़े ढालती हैं और मशीन दुकानें इंजन व गाड़ी-पुर्ज़ा कंपनियों के लिए उन्हें तैयार करती हैं। कपूरथला की रेल कोच फ़ैक्टरी से भी स्थानीय इंजीनियरिंग काम की माँग बनी। ज़्यादातर इकाइयाँ आज भी पुरानी मशीनें चलाती हैं और जाँच व प्रशिक्षण सुविधा चाहती हैं।
आँकड़ों में
फ़ाउंड्री एंड जनरल इंजीनियरिंग क्लस्टर में लगभग 200 चालू इकाइयाँ थीं, कारोबार लगभग ₹150 करोड़, निर्यात लगभग ₹70 करोड़ और रोज़गार लगभग 4,000।
MSME-DI Ludhiana — Brief Industrial Profile of Kapurthala District · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- ढलाई इकाइयों के लिए जाँच और कच्चा माल निरीक्षण प्रयोगशाला
- ढलाई की मशीनिंग का जॉब-वर्क
- फगवाड़ा और कपूरथला में खेती की मशीनों की मरम्मत
- आधुनिक ढलाई और गुणवत्ता नियंत्रण का प्रशिक्षण केंद्र
क्लस्टर की मुश्किलें
- बहुत पुरानी मशीनें और तरीक़े
- कच्चे माल की जाँच की सुविधा नहीं
- कुशल लोगों की कमी
- विकसित औद्योगिक ज़मीन की कमी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हाई ड्यूटी आयरन कास्टिंग (ढलाईघर) →एल्युमिनियम ढलाई (फ़ाउंड्री) →दोपहिया इंजन सिलेंडर ढलाई →वाहन सिलिंडर लाइनर ढलाई और मशीनिंग →डीज़ल इंजन और पंप सेट मरम्मत →
