कहानी
जर्मन सहयोग से बना राउरकेला स्टील प्लांट 1959 में पहली ब्लास्ट फ़र्नेस जलने के साथ सार्वजनिक क्षेत्र का भारत का पहला एकीकृत स्टील प्लांट बना। सुंदरगढ़ और पास के क्योंझर का लौह अयस्क और चूना पत्थर इस जगह को आदर्श बनाते थे। प्लांट को पुर्ज़े और सेवाएँ देने के लिए इसके चारों ओर इंजीनियरिंग, फाउंड्री और फ़ैब्रिकेशन इकाइयाँ बनीं।
आँकड़ों में
सुंदरगढ़ इंजीनियरिंग क्लस्टर (इंजीनियरिंग, फाउंड्री, खराद और फ़ैब्रिकेशन) में 15 चालू इकाइयाँ, ₹60 करोड़ का कारोबार और लगभग 2,000 लोगों का रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Sundargarh District, MSME-DI Cuttack, Ministry of MSME · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- स्टील प्लांट के लिए पुर्ज़े और मशीनिंग जॉब-वर्क
- औद्योगिक रखरखाव और फ़ैब्रिकेशन ठेके
- स्टील व्यापार और आगे के उत्पाद (तार, ट्यूब)
क्लस्टर की मुश्किलें
- एक बड़े ख़रीदार पर निर्भरता
- भुगतान में देरी
- बड़े बाहरी ठेकेदारों से मुकाबला
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
स्टील कास्टिंग (इंडक्शन भट्ठी वाली ढलाई) →CNC इंजीनियरिंग वर्कशॉप (बारीक जॉब वर्क) →भारी फ़ैब्रिकेशन (टंकियाँ, प्रेशर वेसल, पाइपिंग) →इंजीनियरिंग वर्कशॉप (जॉब वर्क और मरम्मत) →फ़ायर क्ले रिफ़्रैक्टरी ईंट और ब्लॉक →
