कहानी
जाजपुर की सुकिंदा घाटी में भारत का ज़्यादातर क्रोमाइट है, जिससे स्टेनलेस स्टील के लिए फेरो-क्रोम बनता है। पास में फेरो-एलॉय प्लांट बने, और बाद में कलिंगनगर औद्योगिक परिसर में कई बड़े स्टील प्लांट आए। इनके आसपास इंजीनियरिंग, परिवहन और सेवा इकाइयाँ बढ़ी हैं।
आँकड़ों में
इस क्षेत्र के क्रोमाइट भंडार ओडिशा के कुल क्रोमाइट का 88.32% और भारत का 75.6% हैं।
Brief Industrial Profile of Jajpur District, MSME-DI Cuttack, Ministry of MSME · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- परिवहन, लॉजिस्टिक्स और खदान सेवाएँ
- स्टील और फेरो-एलॉय प्लांटों के लिए पुर्ज़े और रखरखाव
- स्लैग और फ़्लाई-ऐश से निर्माण सामग्री
क्लस्टर की मुश्किलें
- पानी में हेक्सावेलेंट क्रोमियम प्रदूषण
- ज़मीन और विस्थापन विवाद
- खनन पट्टे और पर्यावरण मंज़ूरी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
भारी फ़ैब्रिकेशन (टंकियाँ, प्रेशर वेसल, पाइपिंग) →इंजीनियरिंग वर्कशॉप (जॉब वर्क और मरम्मत) →फ्लाई ऐश ईंट यूनिट →स्टोन क्रशर (गिट्टी) →
