कहानी
कृष्णगिरि की सूखी, गर्म जलवायु आम के बाग़ों, ख़ासकर गूदे में काम आने वाली तोतापुरी किस्म के लिए ठीक है। 1990 के दशक से प्रोसेसरों ने एसेप्टिक गूदा संयंत्र लगाए, जो गर्मी के छोटे मौसम में हज़ारों किसानों से फल ख़रीदते हैं। गूदा भारत और विदेश के जूस और पेय बनाने वालों को जाता है। कृष्णगिरि और आंध्र प्रदेश का चित्तूर भारत के दो मुख्य गूदा क्लस्टर हैं।
आँकड़ों में
भारत में आम के गूदे के दो मुख्य क्लस्टर हैं — चित्तूर (आंध्र प्रदेश) और कृष्णगिरि (तमिलनाडु) — जिनमें मिलाकर लगभग 65 प्रोसेसिंग इकाइयाँ हैं।
Mango pulp — APEDA · 2026FY26 में भारत ने 68.39 मिलियन अमेरिकी डॉलर का 62,864.13 टन आम का गूदा निर्यात किया (DGCIS आँकड़े)।
Mango pulp — APEDA · 2026मौसम की मार वाले साल में कृष्णगिरि की तोतापुरी फ़सल लगभग 5 लाख टन से घटकर लगभग 2 लाख टन रह सकती है।
Krishnagiri's mango economy beaten to pulp — DT Next
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- एसेप्टिक गूदा और गाढ़ा रस प्रसंस्करण
- आम पकाने के कक्ष और कोल्ड स्टोरेज
- मूल्य-वर्धित उत्पाद: मैंगो बार, जैम, आम पापड़, जूस
- प्रोसेसरों के लिए फल इकट्ठा करना और छँटाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- मौसम की मार से आम का छोटा मौसम और घटता है
- किसानों और प्रोसेसरों के बीच दाम का विवाद
- निर्यात माँग का उतार-चढ़ाव
- फ़सल के समय भारी कार्यशील पूँजी की ज़रूरत
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
आम का पल्प बनाना →आम पापड़ (आम की जेली) →मिक्स फलों का जूस और स्क्वैश यूनिट →आम की गुठली का तेल (मैंगो बटर) →केला पकाने का चैंबर →फ्रूट बार →
